सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

IAS परीक्षा के लिए NCERT की किताबें कैसे पढ़े?


IAS
परीक्षा के लिए NCERT की किताबें कैसे पढ़े?

IAS परीक्षा के लिए NCERT की किताबें कैसे पढ़े?



नमस्कार दोस्तों, हमसे हमेशा कहा जाता है की NCERT बहुत ही महत्वपूर्ण है, और जब आप तैयारी कर रहे है या तैयारी शुरू की है तो उसमे NCERT का बहुत योगदान होता है कहने के लिए तो ये बहुत आसान बात है की आप NCERT पढ़ लीजिये,आप 6वीं से लेकर 12वीं तक के NCERT बुक्स को इक्कठा करते है,और हमारे सामने बहुत सारी चुनौती आ जाती है क्युकी वो एक बंडल होती है किताबों का और हमें उसको पढ़ना होता है, और हमें वहाँ गाइड करने वाला कोई नहीं होता है।




और सबसे बड़ी बात ये है कि NCERT को पढ़ने के दौरान मैंने यह देखा है कि स्टूडेंट्स सबसे बड़ा गलती कर बैठता है कि वो पूरा साल लगा देता है जबकि NCERT में आपका जो टाइम लगना चाहिए वो hardly 4 से 4.5 महीने लगना चाहिए, यानि 4 या 4.5 महीने के अंदर ही आपको NCERT की मास्टरी हासिल कर लेनी चाहिए।



क्युकी आपको अगले चरण की पढ़ाई लेकर आना है और इस दौरान स्टूडेंट्स अपना बहुत बेसकीमती समय ख़राब कर देता है आज इस पेज में मै आपको बताने वाला हूँ आईएएस परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र NCERT को सही ढंग से कैसे पढ़े?


पहली बात तो यह फ्रैंड्स की आपको यह समझना चाहिए कि जो NCERT की किताबें है उनका मतलब क्या है आपने दूसरी बहुत सी किताबें पढ़ी हुई है। NCERT की किताबें जो आप पढ़ते हो उन्ही विषयों पर आधारित आप दूसरे टेक्स्ट बुक भी पढ़ते है, अगर आपने गौर किया हो तो एक बहुत ही साफ NCERT की किताबों और दूसरी किताबों के बीच जो है और यह की जो दूसरी किताबें है वो आपको बताती है जबकि NCERT की किताबें आपको समझाती हैं।



और समझ जाना ही सही मायने में इफेक्टिव स्टडी करना कहलाता हैं। जब आप किसी भी सब्जेक्ट को किसी भी टॉपिक को समझ जाते हैं तो मूलतः वह सब्जेक्ट आपकी अपनी चेतना का हिस्सा बन जाता हैं वह आपके दिमाक में समा जाता हैं आपमें बस जाता हैं और होता ये हैं की कोई भी प्रश्न उससे सम्बंधित पूछा जाए तो आप बड़े आराम से अपनी तरफ से अपने भाषा में और अपने विचारों के आधार पर उसके उत्तर दें सकते हैं।


और सच पूछिए तो UPSC आपसे यही चाहती हैं तो दोस्तों इसी के बारे में मै आपसे कुछ बाते शेयर करने जा रहा हूँ।



देखिये जब हम इफेक्टिव स्टडी की बात करते हैं तो कुछ पॉइंट आपके दिमाक में क्लियर होना चाहिए पहली बात तो ये हैं की आप इफेक्टिव स्टडी का मतलब समझ चुके होंगे की इसका मतलब है किसी भी टॉपिक को समझना। अब सवाल ये हैं कि किसी भी टॉपिक को आप समझेंगे कैसे?


जब भी आप कोई भी टॉपिक पढ़े तो उसमे आप देखिये बहुत ही महत्वपूर्ण शब्द होते हैं आपको उन शब्दों के बहुत अच्छे से भावार्थ मालूम होने चाहिए, मै शब्दार्थ की बात नहीं कर रहा शब्दार्थ तो आप जानते हो जैसे मान लीजिये आपने Sustainable Development पढ़ा धारणीय विकास अब धारणीय विकास का आपको शब्दार्थ आपको मालूम हैं, लेकिन क्या भावार्थ मालूम हैं।



भावार्थ मालूम होना बहुत जरूरी हैं शब्दार्थ के आधार पर आप केवल एक शब्द लिख पाएंगे बल्कि भावार्थ के आधार पर एक छोटा सा नोट लिख सकते हैं,तो दोस्तों पहला पॉइंट हैं की जो Core Words होते हैं किसी भी टॉपिक के उनके भावार्थ आपको जरूर मालूम होना चाहिए।



और दूसरा ये हैं कि जब आप किसी भी टॉपिक पर पढ़े तो उस टॉपिक के विषय के मूलभूत सिद्धांत होते हैं,जैसे मान लीजिये आप जियोग्राफी पढ़ रहे हैं तो जियोग्राफी में कटिबंध जिन्हे हम इंग्लिश में Climity Zone कहते हैं, तो ये कटिबंध क्या हैं?, किस तरह से जोन को डिवाइड किया गया हैं?, डिवाइड करने के कारण क्या हैं?और जब उनको डिवाइड किया गया तो उनकी किन -किन विशेषताओं को लेकर सारी बाते रखी गई हैं?और ये क्या - क्या प्रभाव डालती हैं तो अगर ये सारी बाते आपको मालूम हो जाती हैं।



तो आप देखे की पूरी की पूरी दुनिया को समझने का आप ये समझ लीजिये की आपके हाथ में एक कुंजी मिल गई।और आप सारी चीजों को बहुत अच्छे तरीके से समझ लेंगे, तो उसके जो मूलभूत सिद्धांत हैं आपको मालूम होने चाहिए।




तीसरी जो बात हैं वो ये हैं की हर सब्जेक्ट का अपना एक मॉडल होता हैं टॉपिक का भी मॉडल हो सकता हैं देखिये की क्या उसमे से मॉडल निकलकर आ रहे हैं, अगर मॉडल बन रहे हो तो आप उसे समझने का प्रयास कीजिये।



NCERT बुक्स को कैसे पढ़े?

सबसे पहले ये समझना जरूरी हैं की IAS या किसी भी सिविल सर्विसेज की परीक्षा के लिए NCERT बुक्स की क्या इम्पोर्टेंस हैं तो दोस्तों NCERT की बुक्स में दीं गई इनफार्मेशन को सबसे ज़्यदा क्रेडिबल माना जाता हैं और किसी भी इनफार्मेशन के विवाद होने के केस में NCERT को सबसे ओथेंटिक माना जाता हैं।


इसके NCERT बुक्स आपके नॉलेज का फाउंडेशन मजबूत करती हैं यदि कोई कंडीडेट NCERT के बुक्स को ही अच्छे से पढ़ लें तो UPSC की pre exam में 50% मार्क स्कोर कर सकता हैं। मगर एक सच ये भी हैं की इतनी सारी सब्जेक्ट्स की इतनी सारी क्लासेज की बुक्स को पढ़ना आसान नहीं होता हैं। इसलिए हम आपको कुछ टिप दें रहे हैं



छोटे क्लासेज की बुक्स से शुरुवात कीजिये

तो दोस्तों छोटे क्लासेज यानि की 6th,7th या 8th का सिलेबस काफ़ी आसान होता होता हैं, और भाषा भी सरल होती हैं इन्हे आप एक हफ्ते में आसानी से ख़त्म कर सकते हैं और इसलिए सबसे पहले छोटे क्लासेज का बुक्स पढ़ना स्टार्ट कीजिये जिससे आपका फाउंडेशन भी complete हो जायेगा और सेल्फ कॉन्फिडेंस भी बढेगा।


अंत से शुरुवात कीजिये

जी हाँ आप सही पढ़ रहे हैं की किसी भी चैप्टर को पढ़ने से पहले उस चैप्टर से सम्बंधित जो भी क्वेश्चन हैं उन्हें पढ़ लीजिये और आंसर देने की कोशिश कीजिये हो सके तो उसको नोट कर लीजिये, फिर चैप्टर को पढ़िए इससे ये होगा की आप जब पढ़ेंगे तो जो क्वेश्चन आपने पढ़े हैं उसे analyze करेंगे और आपको साथ में ये भी आईडिया हो जायेगा की exam में किस तरह के क्वेश्चन पूछे जाते हैं।


नोट्स ना बनाये

दोस्तों जब हम पढ़ाई करते हैं तो नोट्स बनाने की आदत हम सबकी होती हैं मगर NCERT की आपको नोट्स बनाने की कोई जरूरत नहीं हैं। NCERT का सिलेबस जो होता हैं वो बहुत वास्त होता हैं मगर ये कॉमबैक्ट होता हैं, तो इसकी हर एक लाइन इम्पोर्टेन्ट होती हैं इसलिए इसका नोट्स बनाने में टाइम वैस्ट मत कीजिये और इस टाइम का इस्तेमाल कोई और सब्जेक्ट या बुक पढ़ने के लिए करें। हाँ अगर आपको कुछ बहुत ही इम्पोर्टेन्ट लगता हैं तो उसे हाईलाइट कर दें।




बार बार पढ़े

दोस्तों ये सबसे इम्पोर्टेन्ट टिप हैं, जितनी बार हो सके उतनी बार NCERT बुक्स को पढ़े, दोस्तों UPSC का सिलेबस इतना बास्त हैं की एक बार पढ़ लेने से कुछ याद नहीं रखा जाता। इसलिए इन्हे बार - बार पढ़िए इसके अलावा आप जितनी बार इसे पढ़ेंगे आपको कोई नई इनफार्मेशन जरूर मिलेगी और ये हमेशा याद रखे की UPSC का पूरा सिलेबस सिर्फ NCERT ही कवर कर सकता हैं



तो दोस्तों आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा की NCERT का कौन - सा Version पढ़ना सही रहेगा?

इसका जबाब हैं कोई भी दोनों में कोई भी फर्क नहीं हैं दोनों की मूल बातें बिलकुल same हैं।




तो दोस्तों अगर आपको यह इनफार्मेशन पसंद आया हो तो अपने दोस्तों में शेयर कीजिये और ऐसे ही जानकरी के लिए bottom साइड में एक well आइकॉन होगा उसको टच करके नोटिफिकेशन allow कर लें जिससे वेबसाइट पर कोई पोस्ट पब्लिश किया जाए आपको नोटिफिकेशन पहुंच जाए।


धन्यवाद 🙏



टिप्पणियाँ

Popular Post

भारतीय संविधान के अनुच्छेद |Download PDF|

भारतीय संविधान के अनुच्छेद पीडीऍफ़ में                           भारत का संविधान , भारत का सर्वोच्च विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ। यह दिन (26 नवम्बर) भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है|जबकि 26 जनवरी का दिन भारत में गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। भीमराव आम्बेडकर को भारतीय संविधान का प्रधान वास्तकुार या निर्माता कहा जाता है। भारत का संविधान विश्व के किसी भी गणतान्त्रिक देश का सबसे लम्बा लिखित संविधान है। PDF download का ऑप्शन नीचे हैं। ★भारतीय संविधान के अनुच्छेद (Article)★                     '' PART - 1 ''➜ अनुच्छेद (Article) 1 – संघ का नाम औ राज्य क्षेत्र अनुच्छेद (Article) 2 – नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना अनुच्छेद (Article) 3 – राज्य का निर्माण तथा सीमाओं या नामों मे परिवर्तन अनुच्छेद (Article) 4 – पहली अनुसूचित व चौथी अनुसूची के संशोधन तथा दो और तीन के अधीन बनाई गई विधियां अनु...

मुझे बनना है UPSC टॉपर book ||Download Free PDF||

  मुझे बनना है UPSC टॉपर  By- निशांत जैन |Download Free PDF| UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC आदि परीक्षाओं के लिए लगातार टोपर्स द्वारा सुझाया गया सबसे बेहतरीन बुक आपके लिए लेके आये है जिसको आप फ्री विथाउट any cost डाउनलोड कर सकते है। डॉ. निशांत जैन (IAS) द्वारा लिखित इस पुस्तक में बहुत ही बेहतरीन तरीके से संघ लोक सेवा आयोग और लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी वाले आकांक्षी(Aspirent) को गाइड किया गया है इस पुस्तक Mujhe Banana Hai UPSC Topper में A to Z क्यों करनी है संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी, कैसे करनी है, कब करनी है सब कुछ बताया गया है । Note - नीचे Download PDF पर क्लिक करके बुक को डाउनलोड करें। About PDF  PDF Name – Mujhe Banna Hai UPSC Topper PDF By Nishant Jain Book in Hindi PDF Size – 60 MB Pages – 213 Language - Hindi Publication - Dr. Nishant Jain PDF डाउनलोड करने के लिए Download Book पर क्लिक करें। Download Book

त्रिकोणमिति : महत्वपूर्ण सूत्र

Trigonometry Important Formulas त्रिकोणमिति : महत्वपूर्ण सूत्र   📐 त्रिकोणमिति : महत्वपूर्ण सूत्र 📐 🔴 योग सूत्र ➭ Sin(A+B) = SinACosB+CosASinB ➭ Sin(A-B) = SinACosB-CosASinB ➭ Cos(A+B) = CosACosB-SinASinB ➭ Cos(A-B) = CosACosB+SinASinB 🔴 अन्तर सूत्र ➭ tan(A+B) = tanA+tanB/1-tanAtanB ➭ tan(A-B) = tanA-tanB/1+tanAtanB 🔴 C-D सूत्र ➭ SinC+SinD = 2Sin(C+D/2) Cos(C-D/2) ➭ SinC-SinD = 2Cos(C+D/2) Sin(C-D/2) ➭ CosC+CosD = 2Cos(C+D/2) Cos(C-D/2) ➭ CosC-CosD = 2Sin(C+D/2) Sin(D-C/2) ➭ CosC-CosD = -2Sin(C+D/2) Sin(C-D/2) 🔴 रूपांतरण सूत्र ➛ 2SinACosB = Sin(A+B)+Sin(A-B) ➛ 2CosASinB = Sin(A+B)-Sin(A-B) ➛ 2CosACosB = Cos(A+B)+Cos(A-B) ➛ 2SinASinB = Cos(A-B)-Cos(A+B) 🔴 द्विक कोण सूत्र  ➛ Sin2A = 2SinACosA ➛ Cos2A = Cos²A-Sin²A = 2Cos²-1 = 1-2Sin²A ➛ tan2A = 2tanA/1-tan²A ➛ Sin2A = 2tanA/1+tan²A ➛ Cos2A = 1-tan²A/1+tan²A 🔴विशिष्ट सूत्र ➛ Sin(A+B)Sin(A-B) = Sin²A-Sin²B                                ...

English बोलना सीखें by using Prepositions in pdf

   English बोलना सीखें  दोस्तों english भाषा आज के ज़माने की एक जरूरत बन गई हैं, ऐसा लगता हैं की english के बिना जीवन जीने की कल्पना थोड़ी मुश्किल हो गई हैं, ऐसे तो सबको थोड़ी बहुत english बोलना तो आता हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्हे english बोलने में और लिखने में  अभी भी मुश्किल होती हैं, यही वजह हैं की लोग खुद को बहुत पिछड़ा हुआ समझ लेते हैं। English रोजमर्रा की बात चीत हो या होमवर्क में बच्चे की मदद करना या ऑफिस के काम में इसके बिना अधूरा सा लगता हैं। दोस्तों English बोलना सीखें का ये हमारा तीसरा पोस्ट हैं इस पोस्ट में हम जानेंगे Prepositions का प्रयोग करके कैसे हम fluently English बोलना सीखें? क्रिया तथा अन्य शब्दों के साथ आवश्यक Preposition का प्रयोग इस पोस्ट में हम कुछ Prepositions जो कि नीचे दिए हुए हैं उसके यूज़ से english बोलने का प्रयास करेंगे। (from, by, with, in, of, for, into, against, on, over, about ) Note - PDF download का ऑप्शन नीचे हैं। अंग्रेजी में शब्दों के कुछ खास Prepositions लगाने का नियम है। तो आइये, शब्दों के साथ कुछ और Preposition लगाने का अ...

अंग्रेजी बोलना सीखें

अंग्रेजी सीखने का एकमात्र सोर्स भावबोधक (Exclamation) अंग्रेजी में मन के अलग -अलग भावों को प्रकट करने का अपना ही तरीका है | यह सरल भी है और सुन्दर भी | हैरानी, खुशी, दुख, नाराजगी और भी दूसरे कई भावों को छोटे-छोटे वाक्यों व दो-तीन शब्दों में बहुत अच्छे ढंग से कहा जाता जा सकता है | इन शब्दों और वाक्यों का हम आम बोलचाल में बार - बार प्रयोग कर सकते है | वाह, वाह!    ------           मार्वल्लोस! शाबाश!     -------             Well done! वेल डन! अति सुन्दर!    ------         Beautiful! ब्यूटीफुल! अरे!       -------                 Hey!हे! वाह!         -------             Wow! वाउ ! हे राम!       ------             My/Oh God! माइ /ओ गॉड! आपने तो कमाल कर दिया!     -------       Wonderful! वंडरफुल! बेशक़!   ...